पढ़िए› दफ़्तर 4› उस दुष्ट स्त्री की कहानी जिसने अपने पति से कहा कि 'वे कल्पनाएँ तुम्हें अमरूद के पेड़ की चोटी से दिखाई देती हैं जो आदमी की आँख को ऐसी चीज़ें दिखाती हैं, अमरूद के पेड़ की चोटी से नीचे आ जाओ ताकि वे कल्पनाएँ चली जाएँ।' और अगर कोई कहे कि जो उस आदमी ने देखा वह कल्पना नहीं थी, तो इसका जवाब यह है कि यह एक उदाहरण है, न कि सच। उदाहरण में इतना ही काफी है कि अगर वह अमरूद के पेड़ पर न चढ़ता तो उसे वे चीज़ें कभी नहीं दिखतीं, चाहे वे कल्पना हों या हक़ीकत› शेर 3542
M4:3542 — چون برآمد بر درخت آن زن گریست / چون ز بالا سوی شوهر بنگریست
چون برآمد بر درخت آن زن گریستچون ز بالا سوی شوهر بنگریست
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M4:3542
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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