पढ़िए दफ़्तर 4 उस दुष्ट स्त्री की कहानी जिसने अपने पति से कहा कि 'वे कल्पनाएँ तुम्हें अमरूद के पेड़ की चोटी से दिखाई देती हैं जो आदमी की आँख को ऐसी चीज़ें दिखाती हैं, अमरूद के पेड़ की चोटी से नीचे आ जाओ ताकि वे कल्पनाएँ चली जाएँ।' और अगर कोई कहे कि जो उस आदमी ने देखा वह कल्पना नहीं थी, तो इसका जवाब यह है कि यह एक उदाहरण है, न कि सच। उदाहरण में इतना ही काफी है कि अगर वह अमरूद के पेड़ पर न चढ़ता तो उसे वे चीज़ें कभी नहीं दिखतीं, चाहे वे कल्पना हों या हक़ीकत शेर 3563

M4:3563 — راست بینی گر بدی آسان و زب / مصطفی کی خواستی آن را ز رب

راست بینی گر بدی آسان و زبمصطفی کی خواستی آن را ز رب
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M4:3563

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.