पढ़िए दफ़्तर 4 ज़ुलक़रनाइन का काफ़ पर्वत पर जाना और यह पूछना कि 'ऐ काफ़ पर्वत, हमें ईश्वर की महानता के गुणों के बारे में बताओ।' और काफ़ पर्वत का कहना कि 'उनकी महानता के गुण शब्दों में नहीं आते क्योंकि उनके सामने सभी धारणाएँ मिट जाती हैं।' और ज़ुलक़रनाइन का आग्रह करना कि 'उनकी उन रचनाओं में से कुछ बताओ जो तुम्हें याद हैं और जिनके बारे में बताना तुम्हारे लिए आसान है' शेर 3716

M4:3716 — نزد آنکس که نداند عقلش این / زلزله هست از بخارات زمین

نزد آنکس که نداند عقلش اینزلزله هست از بخارات زمین
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M4:3716

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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