पढ़िए दफ़्तर 4 एक चींटी कागज़ पर चल रही थी, उसने कलम को लिखते हुए देखा। उसने कलम की स्तुति करना शुरू किया। एक और चींटी जिसकी आँखें ज़्यादा तेज़ थीं, उसने कहा कि 'उंगलियों की स्तुति करो क्योंकि मैं वह हुनर उनसे देखती हूँ।' एक और चींटी जिसकी आँखें दोनों से ज़्यादा रोशन थीं, उसने कहा 'मैं बाज़ू की स्तुति करती हूँ क्योंकि उंगलियाँ बाज़ू की शाखाएँ हैं' आदि शेर 3741

M4:3741 — گر ندیدی آن بود از فهم پست / که عقول خلق زان کان یک جوست

گر ندیدی آن بود از فهم پستکه عقول خلق زان کان یک جوست
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M4:3741

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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