पढ़िए दफ़्तर 4 इसकी व्याख्या 'वास्तव में मोमिन भाई-भाई हैं' और 'उलेमा एक ही आत्मा की तरह हैं', विशेषकर दाऊद और सुलेमान और अन्य नबियों (उन पर शांति हो) का मिलन। यदि तुम उनमें से किसी एक का इनकार करते हो, तो किसी भी नबी पर ईमान सही नहीं रहता, और यह एकता का प्रतीक है कि यदि तुम हज़ारों घरों में से एक को नष्ट करते हो, तो सब नष्ट हो जाते हैं और एक भी दीवार खड़ी नहीं रहती, क्योंकि 'हम उनमें से किसी के बीच भेद नहीं करते' और समझदार के लिए इशारा ही काफी है, यह तो इशारे से भी आगे निकल गया शेर 447

M4:447 — صد چراغت ار مرند ار بیستند / پس جدا اند و یگانه نیستند

صد چراغت ار مرند ار بیستندپس جدا اند و یگانه نیستند
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M4:447

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

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