पढ़िए› दफ़्तर 4› एक प्यासे आदमी की कहानी जो अखरोट के पेड़ से अखरोट पानी के कुएँ में गिरा रहा था जो गहरे में था और पानी तक नहीं पहुँच पा रहा था, ताकि अखरोट के गिरने से उसे पानी की आवाज़ सुनाई दे और वह पानी की मधुर आवाज़ से आनंदित हो जाए› शेर 775
M4:775 — ناحمولی انبیا از امر دان / ورنه حمالست بد را حلمشان
ناحمولی انبیا از امر دانورنه حمالست بد را حلمشان
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M4:775
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.