पढ़िए दफ़्तर 4 हलिमा द्वारा मूर्तियों से मदद मांगने की कहानी, जब उन्होंने मुस्तफा (उन पर शांति हो) को दूध छुड़ाने के बाद खो दिया था, और मूर्तियों का कांपना और सजदा करना और मुस्तफा (अल्लाह उन पर और उनके परिवार पर शांति भेजे) के महान कार्य की गवाही देना शेर 927

M4:927 — چون ندید او خیره و نومید شد / جسم لرزان هم‌چو شاخ بید شد

چون ندید او خیره و نومید شدجسم لرزان هم‌چو شاخ بید شد
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M4:927

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.