पढ़िए› दफ़्तर 5› अल्लाह ताला की रहमत की उम्मीद में, जो काबिलियत से पहले नेमतें अता करता है, और वही है जो लोगों के मायूस हो जाने के बाद बारिश बरसाता है, और अक्सर दूरी से करीबी पैदा होती है, और अक्सर एक मुबारक गुनाह होता है, और अक्सर एक खुशी ऐसी जगह से आती है जहाँ बुराई की उम्मीद होती है, ताकि यह मालूम हो कि अल्लाह उनकी बुराइयों को नेकियों में बदल देता है।› शेर 1838
M5:1838 — بودم اومیدی به محض لطف تو / از ورای راست باشی یا عتو
بودم اومیدی به محض لطف تواز ورای راست باشی یا عتو
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M5:1838
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.