पढ़िए› दफ़्तर 5› यह बताते हुए कि वासिल (अल्लाह से जुड़ा हुआ) आरिफ की दुआ और अल्लाह से उसकी मांग खुद अल्लाह की अपनी मांग की तरह है कि "मैं उसके कान, आँख, ज़बान और हाथ बन गया," और उनका कथन "और जब तुमने तीर चलाया, तो तुमने नहीं चलाया, बल्कि अल्लाह ने चलाया," और इस बारे में बहुत सारी आयतें, अहादीस और असर मौजूद हैं। और अल्लाह द्वारा एक अपराधी को सच्ची तौबा की ओर कान पकड़कर लाने के कारण की व्याख्या।› शेर 2266
M5:2266 — این همی زارید و صد قطره روان / که در افتادم به جلاد و عوان
این همی زارید و صد قطره روانکه در افتادم به جلاد و عوان
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M5:2266
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.