पढ़िए› दफ़्तर 5› यह बताते हुए कि वासिल (अल्लाह से जुड़ा हुआ) आरिफ की दुआ और अल्लाह से उसकी मांग खुद अल्लाह की अपनी मांग की तरह है कि "मैं उसके कान, आँख, ज़बान और हाथ बन गया," और उनका कथन "और जब तुमने तीर चलाया, तो तुमने नहीं चलाया, बल्कि अल्लाह ने चलाया," और इस बारे में बहुत सारी आयतें, अहादीस और असर मौजूद हैं। और अल्लाह द्वारा एक अपराधी को सच्ची तौबा की ओर कान पकड़कर लाने के कारण की व्याख्या।› शेर 2267
M5:2267 — تا نمیرد هیچ افرنگی چنین / هیچ ملحد را مبادا این حنین
تا نمیرد هیچ افرنگی چنینهیچ ملحد را مبادا این حنین
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M5:2267
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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