पढ़िए दफ़्तर 6 हिलाल की कहानी, जो अल्लाह का एक सच्चा बंदा था, बिना किसी नक़ल के अंतर्दृष्टि वाला, लोगों की बंदगी में छिपे हुए था किसी मक़सद से, लाचारी से नहीं, जैसे लोकमान और यूसुफ़ ज़ाहिरी तौर पर थे और उनके अलावा, वह एक अमीर का साईस था और वह अमीर मुसलमान था लेकिन उसकी आँखें बंद थीं, अंधा जानता है कि उसकी माँ है लेकिन उसे समझ में नहीं आता कि वह कैसी है, अगर वह इस ज्ञान के साथ इस माँ का सम्मान करे तो संभव है कि वह अंधेपन से मुक्ति पा ले, क्योंकि 'जब अल्लाह किसी बंदे का भला चाहता है तो उसके दिल की आँखें खोल देता है ताकि वह उनसे ग़ैब को देख सके'। यह रास्ता दिल के जीवन से हासिल करो, क्योंकि यह शरीर का जीवन जानवर की सिफ़त है। शेर 1117

M6:1117 — گفت واپس واپس ای خیره سرت / باز می‌رو تا بکس مادرت

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M6:1117

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

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