पढ़िए› दफ़्तर 6› ख़्वारज़्मशाह रहमतुल्लाह अलैह का अपने जुलूस में एक बहुत ही दुर्लभ घोड़ा देखना और शाह के दिल का उस घोड़े की सुंदरता और फुर्ती से लगाव होना, और इमादुलमुल्क का उस घोड़े को शाह के दिल में ठंडा कर देना, और शाह का उसे अपने देखने पर वरीयता देना, जैसा कि हकीम रहमतुल्लाह अलैह ने अपनी इलाहीनामा में फ़रमाया है: “जब ज़बान हसद हो जाए, तो यूसुफ़ को खस की तरह गज़ से खरीदोगे,” भाइयों की दलाली से हसद की वजह से ग्राहक के दिल में इतनी खूबसूरती छिप गई और बदसूरत दिखने लगी कि “और वे उसमें से ज़ाहिद थे”› शेर 3394
M6:3394 — لیک شهبازی که او خفاش نیست / چشم بازش راستبین و روشنیست
لیک شهبازی که او خفاش نیستچشم بازش راستبین و روشنیست
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M6:3394
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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