पढ़िए› दफ़्तर 6› आत्मा के अमर जीवन के स्रोत से अरीफ़ की मदद की अभिव्यक्ति और बेवफा पानी के स्रोतों से मदद और आकर्षण से उसका बेनियाज़ हो जाना, जिसकी निशानी 'दारुल-ग़ुरूर' (धोखे का घर) से अलग होना है, क्योंकि जब आदमी उन स्रोतों की मदद पर भरोसा करता है तो स्थायी स्रोत की तलाश में हमेशा ढीला पड़ जाता है। तुम्हें अपनी आत्मा के अंदर की नहर चाहिए, जो उधार के दरवाज़े न खोले। घर के अंदर के पानी का एक चश्मा, बाहर से आने वाली नहर से बेहतर है› शेर 3607
M6:3607 — چون سپاه رنج آمد بست دم / خود نمیگوید ترا من دیدهام
چون سپاه رنج آمد بست دمخود نمیگوید ترا من دیدهام
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M6:3607
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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