पढ़िए दफ़्तर 6 सुल्तान के बेटों का इस हुक्म के तहत जाना कि “इंसान उन चीज़ों का लालची होता है जिनसे उसे मना किया जाता है,” “हमने अपनी बंदगी दिखाई, लेकिन तुम्हारे बुरे स्वभाव ने बंदगी खरीदना नहीं सीखा,” उस मना किए हुए किले की ओर जाना, पिता की सभी वसीयतों और नसीहतों को पैरों तले रौंद दिया ताकि मुसीबत के कुएँ में गिर जाएँ, और उन्हें उनकी 'नफ़्स-ए-लव्वामा' (आत्म-भर्त्सना करने वाली आत्मा) कहती थी: “क्या तुम्हारे पास कोई डरने वाला नहीं आया?” वे रोते और पछताते हुए कहते थे: “अगर हम सुनते या समझते तो जहन्नम वालों में से न होते” शेर 3715

M6:3715 — هیچ ماند این مؤثر با اثر / هیچ ماند بانگ و نوحه با ضرر

هیچ ماند این مؤثر با اثرهیچ ماند بانگ و نوحه با ضرر
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M6:3715

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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