पढ़िए दफ़्तर 6 बुखारा के सदर-ए-जहाँ की कहानी कि जो भी मांगने वाला ज़ुबान से आम सदक़ा मांगता, वह उसकी बेशुमार अता से महरूम रहता, और एक विद्वान दरवेश ने भूलवश और अत्यधिक लालच और जल्दबाजी में सदर-ए-जहाँ के जुलूस में ज़ुबान से मांगा, तो उसने उससे मुँह मोड़ लिया, और वह हर दिन एक नई तरकीब बनाता और कभी खुद को चादर के नीचे औरत बना लेता और कभी अंधा बना लेता और अपनी आँखों और चेहरे को ढँक लेता, फिर भी वह उसे अपनी फ़रासत से पहचान लेता, आदि शेर 3828

M6:3828 — هر چه بدهد نیم آن بدهم به تو / هم‌چنان کرد آن فقیر صله‌جو

هر چه بدهد نیم آن بدهم به توهم‌چنان کرد آن فقیر صله‌جو
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M6:3828

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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