पढ़िए› दफ़्तर 6› उन दो भाइयों की कहानी, एक दाढ़ी रहित और दूसरा बिना दाढ़ी वाला, एक रात अकेले कमरे में सोए, इत्तेफ़ाक से बिना दाढ़ी वाले ने अपने नितंबों पर ईंटें जमा कर लीं, अंत में एक छिपकली आई और उन ईंटों को चालाकी और नरमी से उसके पीछे से हटा दिया, लड़का जाग गया और लड़ने लगा कि ये ईंटें कहाँ ले गए और क्यों ले गए, उसने कहा तुमने ये ईंटें क्यों रखी थीं, आदि› शेर 3848
M6:3848 — گفت این سی خشت چون انباشتی / گفت تو سی خشت چون بر داشتی
گفت این سی خشت چون انباشتیگفت تو سی خشت چون بر داشتی
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M6:3848
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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