पढ़िए› दफ़्तर 6› उन दो भाइयों की कहानी, एक दाढ़ी रहित और दूसरा बिना दाढ़ी वाला, एक रात अकेले कमरे में सोए, इत्तेफ़ाक से बिना दाढ़ी वाले ने अपने नितंबों पर ईंटें जमा कर लीं, अंत में एक छिपकली आई और उन ईंटों को चालाकी और नरमी से उसके पीछे से हटा दिया, लड़का जाग गया और लड़ने लगा कि ये ईंटें कहाँ ले गए और क्यों ले गए, उसने कहा तुमने ये ईंटें क्यों रखी थीं, आदि› शेर 3855
M6:3855 — رو به من آرند مشتی حمزهخوار / چشمها پر نطفه کف خایهفشار
رو به من آرند مشتی حمزهخوارچشمها پر نطفه کف خایهفشار
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M6:3855
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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