पढ़िए दफ़्तर 6 उन दो भाइयों की कहानी, एक दाढ़ी रहित और दूसरा बिना दाढ़ी वाला, एक रात अकेले कमरे में सोए, इत्तेफ़ाक से बिना दाढ़ी वाले ने अपने नितंबों पर ईंटें जमा कर लीं, अंत में एक छिपकली आई और उन ईंटों को चालाकी और नरमी से उसके पीछे से हटा दिया, लड़का जाग गया और लड़ने लगा कि ये ईंटें कहाँ ले गए और क्यों ले गए, उसने कहा तुमने ये ईंटें क्यों रखी थीं, आदि शेर 3857

M6:3857 — خانقه چون این بود بازار عام / چون بود خر گله و دیوان خام

خانقه چون این بود بازار عامچون بود خر گله و دیوان خام
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M6:3857

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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