पढ़िए दफ़्तर 6 उन दो भाइयों की कहानी, एक दाढ़ी रहित और दूसरा बिना दाढ़ी वाला, एक रात अकेले कमरे में सोए, इत्तेफ़ाक से बिना दाढ़ी वाले ने अपने नितंबों पर ईंटें जमा कर लीं, अंत में एक छिपकली आई और उन ईंटों को चालाकी और नरमी से उसके पीछे से हटा दिया, लड़का जाग गया और लड़ने लगा कि ये ईंटें कहाँ ले गए और क्यों ले गए, उसने कहा तुमने ये ईंटें क्यों रखी थीं, आदि शेर 3864

M6:3864 — بعد از آن کودک به کوسه بنگریست / گفت او با آن دو مو از غم بریست

بعد از آن کودک به کوسه بنگریستگفت او با آن دو مو از غم بریست
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M6:3864

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.