पढ़िए दफ़्तर 6 उस बादशाह का ज़िक्र जिसने उस विद्वान को जबरदस्ती मजलिस में बुलाया और बैठाया, साकी ने विद्वान को शराब पेश की, उसके सामने प्याला रखा तो उसने मुँह मोड़ लिया और खट्टापन और सख्ती शुरू कर दी, शाह ने साकी से कहा कि “अरे! उसे उसके स्वभाव में ले आओ।” साकी ने कई बार उसके सिर पर मारा और उसे शराब पिलाई, आदि शेर 3929

M6:3929 — مغز نغز و قشرها مغفور ازو / مغز را پس چون بسوزد دور ازو

مغز نغز و قشرها مغفور ازومغز را پس چون بسوزد دور ازو
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M6:3929

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

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