पढ़िए दफ़्तर 6 उस बादशाह का ज़िक्र जिसने उस विद्वान को जबरदस्ती मजलिस में बुलाया और बैठाया, साकी ने विद्वान को शराब पेश की, उसके सामने प्याला रखा तो उसने मुँह मोड़ लिया और खट्टापन और सख्ती शुरू कर दी, शाह ने साकी से कहा कि “अरे! उसे उसके स्वभाव में ले आओ।” साकी ने कई बार उसके सिर पर मारा और उसे शराब पिलाई, आदि शेर 3948

M6:3948 — این چنین پیچند مطلوب و طلوب / اندرین لعبند مغلوب و غلوب

این چنین پیچند مطلوب و طلوباندرین لعبند مغلوب و غلوب
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M6:3948

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.