पढ़िए दफ़्तर 6 एक वस्वसा जो शाहज़ादे को हुआ, इस वजह से कि उसे बादशाह से जो बेनियाज़ी और कशफ़ हासिल हुआ था, वह बादशाह के साथ नाशुक्रिया और सरकशी का इरादा कर रहा था, बादशाह को इल्हाम और दिल के ज़रिये इसकी खबर हो गई, उसका दिल दुखने लगा, उसकी रूह को एक ज़ख़्म लगा, हालाँकि बादशाह की शक्ल को खबर नहीं थी, आदि शेर 4769

M6:4769 — گفت آخر ای خس واهی‌ادب / این سزای داد من بود ای عجب

گفت آخر ای خس واهی‌ادباین سزای داد من بود ای عجب
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M6:4769

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.