पढ़िए दफ़्तर 6 उस गायक की कहानी जिसने तुर्क अमीर की महफ़िल में यह ग़ज़ल शुरू की कि 'तुम फूल हो या नरगिस हो या सरू हो या चाँद हो, मैं नहीं जानता। इस बेदिल आशिक़ से तुम क्या चाहते हो, मैं नहीं जानता।' और तुर्क का चिल्लाकर कहना कि 'वह बताओ जो तुम जानते हो' और गायक का अमीर को जवाब देना। शेर 719

M6:719 — نه قدید و نه ثرید و نه عدس / آنچ خوردی آن بگو تنها و بس

نه قدید و نه ثرید و نه عدسآنچ خوردی آن بگو تنها و بس
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M6:719

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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