पढ़िए दफ़्तर 6 उस गायक की कहानी जिसने तुर्क अमीर की महफ़िल में यह ग़ज़ल शुरू की कि 'तुम फूल हो या नरगिस हो या सरू हो या चाँद हो, मैं नहीं जानता। इस बेदिल आशिक़ से तुम क्या चाहते हो, मैं नहीं जानता।' और तुर्क का चिल्लाकर कहना कि 'वह बताओ जो तुम जानते हो' और गायक का अमीर को जवाब देना। शेर 721

M6:721 — می‌رمد اثبات پیش از نفی تو / نفی کردم تا بری ز اثبات بو

می‌رمد اثبات پیش از نفی تونفی کردم تا بری ز اثبات بو
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M6:721

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

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