पढ़िए दफ़्तर 6 एक लापरवाह आदमी की उपमा जो अपनी उम्र बर्बाद करता है और मरने के समय उस तंग हालात में तौबा और इस्तग़फ़ार करने लगता है, जैसे हलबी शिया हर साल आशूरा के दिनों में अंताकिया के दरवाज़े पर मातम करते हैं और एक अजनबी कवि सफ़र से आकर पूछता है कि 'यह चीख-पुकार किस मातम की है' शेर 780

M6:780 — بشمرند آن ظلمها و امتحان / کز یزید و شمر دید آن خاندان

بشمرند آن ظلمها و امتحانکز یزید و شمر دید آن خاندان
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M6:780

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.