दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 1236›
शेर 1
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برفتم دی به پیشش سخت پرجوش
نپرسید او مرا بنشست خاموش
G1236:1
आपकी भाषा
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इस शेर की व्याख्या
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