दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 1401›
शेर 1
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کوه نیم سنگ نیم چونک گدازان نشوم
دیدم جمعیت تو چونک پریشان نشوم
G1401:1
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इस शेर की व्याख्या
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