दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 1510›
शेर 3
-
تو می گفتی مکن در من نگاهی
که من خونها کنم تاوان ندارم
G1510:3
आपकी भाषा
आपकी भाषा में अभी तक कोई अर्थ नहीं — यह पूरी ग़ज़ल के लिए एक साथ बनता है:
ai-draft · gemini-2.5-pro
इस शेर की व्याख्या
अभी तक नहीं लिखी गई — इस ग़ज़ल के भीतर इस शेर का गहरा पाठ:
ganjoor: sh1510 · public domain