दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 1982›
शेर 1
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گلسن بنده ستایک غرضم یق اشد رسن
قلسن انده یوز در یلنز قنده قلرسن
G1982:1
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इस शेर की व्याख्या
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