दीवान-ए-शम्स› ग़ज़ल 2 ← पिछला · अगला →
दीवान-ए-शम्स · G2 · 17 शेर
غزل شمارهٔ ۲
यह ग़ज़ल प्रेम की ब्रह्मांडीय शक्ति की स्तुति है, जो हर चीज़ का स्रोत और सार है। पहले दो बैतों में, कवि ईश्वर को संबोधित करते हुए कहता है कि आपका प्रेम ही पवित्र आत्माओं को उड़ान देता है और आप भौतिक रूपों से परे हैं (बैत 1-2)। इसके बाद, ग़ज़ल प्रकृति की विशाल शक्तियों—आकाश, पृथ्वी, पहाड़—को दिखाती है कि वे भी आपके प्रेम और भय से कैसे प्रभावित हैं (बैत 3-4)। कवि फिर अपनी स्थिति पर आता है, खुद को महान आत्माओं का अनुयायी बताते हुए दिव्य स्वीकृति की याचना करता है (बैत 5)। ग़ज़ल का मध्य भाग इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे दिव्य प्रेम मिट्टी के इंसान को इतना ऊँचा उठा देता है कि फ़रिश्ते भी उससे ईर्ष्या करने लगते हैं, और कैसे प्रेम के बिना सब कुछ मूल्यहीन है (बैत 6-8)। इसके बाद, सृष्टि की क्षणभंगुरता और प्रेम की शाश्वत प्रकृति पर चिंतन किया गया है (बैत 9-10)। ग़ज़ल शम्स तबरीज़ी के संकेत के साथ समाप्त होती है, प्रेम को एक दिव्य आदेश और दरवेशों के लिए सौभाग्य के रूप में चित्रित करती है, और कविता को उसी दिव्य प्रेरणा का एक उत्पाद बताती है (बैत 11-17)।
किसी भी शेर को उसके अपने पृष्ठ के लिए खोलें — अर्थ, व्याख्या, कठिन शब्द।
- G2:1 ای طایِرانِ قُدْسْ را عشقَت فُزوده بالهادر حلقهٔ سودایِ تو روحانیانْ را حالها ऐ पवित्र पक्षियों को तेरे इश्क़ ने पंख दिए हैं,तेरे प्रेम के घेरे में रूहानियों के हाल हैं।हे प्रियतम, तुम्हारे प्रेम ने पवित्र आत्माओं को उड़ने की शक्ति दी है, और तुम्हारी चाहत के दायरे में आध्यात्मिक लोगों पर परमानंद की अवस्थाएँ छा जाती हैं।
- G2:2 در «لا اُحِبُّ الْآفِلین»، پاکی ز صورتها یَقیندر دیدههای غیببین، هر دَم زِ تو تِمثالها ‘मैं डूबने वालों से प्रेम नहीं करता’ में, तू यक़ीनन रूपों से पाक है,ग़ैब देखने वाली आँखों में, हर पल तुझसे ही निशानियाँ हैं।क़ुरान की आयत के अनुसार तुम नश्वर चीज़ों से परे हो, लेकिन जो दिव्य दृष्टि रखते हैं, उन्हें हर क्षण तुम्हारी ही छवियाँ और संकेत दिखाई देते हैं।
- G2:3 افلاکْ از تو سرنگون، خاک از تو چونْ دریایِ خونماهَت نخوانم، ای فُزون از ماهها و سالها आसमान तुझसे झुके हुए हैं, धरती तुझसे ख़ून का समंदर है,मैं तुझे चाँद नहीं कहूँगा, ऐ महीनों और सालों से कहीं बढ़कर।तुम्हारे प्रताप से आकाश झुका है और धरती पर प्रेमियों का रक्त बह रहा है; तुम समय के माप, जैसे महीने और साल, से कहीं श्रेष्ठ हो।
- G2:4 کوه از غَمت بِشکافته، وان غَم به دل دَرتافتهیک قَطره خونی یافته از فَضلَت این اَفضالها पहाड़ तेरे ग़म से फट गया है, और वो ग़म दिल में समा गया है,तेरी कृपा से इन कृपापात्रों ने ख़ून की एक बूँद पाई है।तुम्हारे प्रेम की पीड़ा इतनी शक्तिशाली है कि उसने पहाड़ को भी तोड़ दिया, और यही पीड़ा जब दिल में उतरती है, तो तुम्हारी कृपा से महान लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति का एक कण प्राप्त होता है।
- G2:5 اِی سَروَرانْ را تو سَّنَد، بِشْمار ما را زان عدددانی سَران را هم بُوَد اَندر تَبَعْ دُنبالها ऐ सरदारों के भी सरदार, हमें भी उसी गिनती में शुमार कर,तू जानता है कि सरदारों के पीछे भी अनुयायी होते हैं।हे महान आत्माओं के स्वामी, हमें भी अपने सेवकों में गिन लो; क्योंकि जैसे सरदारों के पीछे उनके अनुयायी चलते हैं, हम भी तुम्हारा अनुसरण करना चाहते हैं।
- G2:6 سازی زِ خاکی سیّدی، بر وِی فرشته حاسِدیبا نقدِ تو جانْ کاسِدی، پامال گَشته مالها तू मिट्टी से एक सरदार बनाता है, जिस पर फ़रिश्ता भी ईर्ष्या करता है,तेरी दौलत के आगे जान भी सस्ती है, सारे माल रौंदे हुए हैं।तुम मिट्टी के साधारण इंसान को ऐसा महान बना देते हो कि फ़रिश्ते भी उससे ईर्ष्या करने लगते हैं; तुम्हारी आध्यात्मिक संपत्ति के सामने, जीवन और सांसारिक धन तुच्छ और बेकार हैं।
- G2:7 آن کاو تو باشی بالِ او، ای رفعت و اِجلالِ اوآن کاو چُنین شُد حالِ او، بر روی دارد خالها जिसके पंख तू हो, ऐ उसकी बुलंदी और शान,जिसका हाल ऐसा हो जाए, उसके चेहरे पर निशान होते हैं।हे प्रियतम, जिसे तुम सहारा देते हो, उसकी महिमा और ऊँचाई का क्या कहना; और जो इस अवस्था को पा लेता है, उसके चेहरे पर विशेष आध्यात्मिक निशान दिखाई देते हैं।
- G2:8 گیرم که خارَمْ خارِ بَد، خار از پیِ گُل میزَهَدصَرّافِ زَر هم مینَهَد، جُو بر سَرِ مِثقالها मान लिया कि मैं एक बुरा काँटा हूँ, पर काँटा भी तो फूल के लिए उगता है,सोने का पारखी भी तो एक मिस्क़ाल पर जौ का दाना रखता है।भले ही मैं एक बेकार काँटे जैसा हूँ, लेकिन काँटे का अस्तित्व भी फूल की रक्षा के लिए होता है; जैसे एक जौहरी सोने के वज़न को संतुलित करने के लिए जौ के एक छोटे दाने का भी उपयोग करता है, वैसे ही मुझ जैसे तुच्छ का भी कोई उद्देश्य हो सकता है।
- G2:9 فِکری بُدَهست اَفعالها، خاکی بُدَهست این مالهاقالی بُدَهست این حالها، حالی بُدَهست این قالها सारे कर्म एक विचार ही थे, यह सारी संपत्ति मिट्टी ही थी,यह सारी अवस्थाएँ एक क़ालीन ही थीं, यह सारी बातें एक हाल ही थीं।इस दुनिया के सभी कार्य मूल रूप से एक विचार से उत्पन्न हुए हैं, सारी दौलत अंततः मिट्टी है, सभी बाहरी अवस्थाएँ एक बुने हुए क़ालीन की तरह अस्थायी हैं, और सभी शब्द एक आंतरिक अवस्था की अभिव्यक्ति मात्र हैं।
- G2:10 آغازِ عالَمْ غُلْغُلِه، پایانِ عالَمْ زِلْزِلِهعشقی و شُکْری با گِله، آرام با زِلْزالها दुनिया की शुरुआत में शोर-शराबा था, दुनिया के अंत में भूकंप है,एक इश्क़ है और शुक्र है शिकायत के साथ, और भूकंपों के साथ सुकून है।सृष्टि का आरंभ कोलाहलपूर्ण था और इसका अंत प्रलयंकारी होगा, लेकिन इन सबके बीच प्रेम, कृतज्ञता और शिकायत का विरोधाभासी मेल है, और विनाश के बीच भी एक शांति मौजूद है।
- G2:11 توقیعِ شَمْس آمَد شَفَق، طُغرایِ دولت، عشقِ حَقفالِ وِصال آرَد سَبَق، کان عشق زَد این فالها शम्स का हस्ताक्षर उषाकाल है, राज्य का फ़रमान सच्चा इश्क़ है,मिलन का शगुन आगे आएगा, क्योंकि उस इश्क़ ने ही यह शगुन निकाला है।शम्स तबरीज़ी का आगमन सुबह की लालिमा की तरह एक दिव्य संकेत है; सच्चा प्रेम ही ईश्वर के राज्य का आदेश है। प्रियतम से मिलन की भविष्यवाणी सच होगी, क्योंकि यह भविष्यवाणी स्वयं प्रेम ने की है।
- G2:12 از «رَحمَةٌ لِلْعالَمین» ِاقبالِ دَرویشانْ بِبینچون مَهْ مُنَوَّر، خِرقهها، چون گُلْ مُعَطّر، شالها ‘सारे जहानों के लिए रहमत’ से दरवेशों का सौभाग्य देखो,चाँद की तरह रौशन हैं उनके चिथड़े, फूल की तरह महकती हैं उनकी शालें।पैगंबर मुहम्मद, जो दुनिया के लिए رحمت (कृपा) हैं, उनकी वजह से दरवेशों का भाग्य देखो; उनके फटे हुए कपड़े चाँद की तरह चमक रहे हैं और उनकी शालें फूलों की तरह सुगंधित हैं।
- G2:13 عِشق اَمرِ کُل، ما رُقعِهای، او قُلْزُم و ما جُرعِهایاو صَد دَلیل آورده و ما کرده اِستدلالها इश्क़ एक संपूर्ण आदेश है, हम एक छोटा सा पत्र हैं,वह एक महासागर है और हम एक घूँट, उसने सौ दलीलें दीं और हमने तर्क-वितर्क किए।प्रेम एक सार्वभौमिक और पूर्ण विधान है, जबकि हम उसकी तुलना में एक छोटे से संदेश की तरह हैं; वह एक अथाह समुद्र है और हम बस एक घूँट। उसने अपने अस्तित्व के सैकड़ों प्रमाण दिए, जबकि हम केवल तर्कों में उलझे रहे।
- G2:14 از عشق، گَردون مُؤتَلِف، بیعشق، اَختَر مُنْخَسِفاز عشقْ گَشتِه دالَ الِف، بیعشقَ الِف چون دالها इश्क़ से आसमान जुड़ा हुआ है, बिना इश्क़ के सितारे ग्रहण में हैं,इश्क़ से ‘दाल’ ‘अलिफ़’ हो गया, बिना इश्क़ के ‘अलिफ़’ ‘दाल’ जैसा है।प्रेम के कारण ही ब्रह्मांड में सामंजस्य है, प्रेम के बिना तारे भी कांतिहीन हो जाते हैं; प्रेम झुके हुए (दाल) को सीधा और ऊँचा (अलिफ़) बना देता है, और प्रेम के बिना सीधा खड़ा (अलिफ़) भी झुका हुआ (दाल) हो जाता है।
- G2:15 آبِ حَیات آمد سُخُن، کایَد زِ عِلْمِ من لَدُنجانْ را از او خالی مَکُن، تا بَر دَهَد اَعمالها अमृत वचन बन कर आया, जो मेरे ‘इल्म-ए-लदुन’ से आता है,अपनी जान को उससे ख़ाली मत करना, ताकि तुम्हारे कर्म फल दें।मेरे ईश्वर-प्रदत्त ज्ञान से जो शब्द निकलते हैं, वे जीवन देने वाले जल के समान हैं; अपनी आत्मा को इन शब्दों से वंचित न रखना, ताकि तुम्हारे कार्यों का अच्छा परिणाम निकले।
- G2:16 بر اَهلِ مَعنی شد سُخن، اِجمالها تَفصیلهابر اهلِ صورت شد سُخن، تَفصیلها اِجمالها अर्थ समझने वालों के लिए, संक्षिप्त बातें भी विस्तृत हो गईं,रूप देखने वालों के लिए, विस्तृत बातें भी संक्षिप्त हो गईं।जो लोग शब्दों के गहरे अर्थ को समझते हैं, उनके लिए संक्षिप्त संकेत भी विस्तारपूर्ण हो जाते हैं; लेकिन जो केवल बाहरी रूप पर ध्यान देते हैं, उनके लिए विस्तृत व्याख्याएँ भी सारहीन और संक्षिप्त रह जाती हैं।
- G2:17 گر شعرها گفتند پُر، پُر بِهْ بُوَد دریا زِ دُرکز ذوقِ شعر آخر شُتُر خوش میکِشَد تَرحالها अगर बहुत सारी कविताएँ कही गईं, तो बेहतर है, समंदर भी मोतियों से भरा होता है,क्योंकि कविता के आनंद से आख़िरकार ऊँट भी ख़ुशी-ख़ुशी बोझ ढोता है।यदि बहुत अधिक कविताएँ हैं, तो यह अच्छा है, क्योंकि समुद्र भी मोतियों से भरा होता है; कविता का आनंद इतना गहरा है कि यह ऊँट जैसे जानवर को भी खुशी से अपना भारी बोझ उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
ganjoor: sh2 · public domain