दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 2010›
शेर 2
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در دل چون سنگ مردم آتشی است
کو بسوزد پرده را از بیخ و بن
G2010:2
आपकी भाषा
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इस शेर की व्याख्या
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