दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 2014›
शेर 4
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در گمان افتد دلم زین واقعه
این دل ترسان بدپندار من
G2014:4
आपकी भाषा
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इस शेर की व्याख्या
अभी तक नहीं लिखी गई — इस ग़ज़ल के भीतर इस शेर का गहरा पाठ:
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