दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 2016›
शेर 4
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از قل الروح امر ربی فهم شد
شرح جان ای جان نیاید در دهن
G2016:4
आपकी भाषा
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इस शेर की व्याख्या
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