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दीवान-ए-शम्स · غزل شمارهٔ ۲۱۲۹
- نَحْنُ إِلَیٰ سَیِّدِنَا رَاجِعُون طَیِّبَةَ النَّفْسِ بِهِ طَائِعُون
G2129:1
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