दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 2586›
शेर 3
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از خلق نهان زان شد تا جمله مرا باشد
گر هیچ پدیدستی آن همگانستی
G2586:3
आपकी भाषा
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इस शेर की व्याख्या
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