पढ़िए› दफ़्तर 1› अनुभाग 134 ← पिछला · अगला →
بخش ۱۳۴ - در بیان آنک عاشق دنیا بر مثال عاشق دیواریست کی بر او تاب آفتاب زند و جهد و جهاد نکرد تا فهم کند کی آن تاب و رونق از دیوار نیست از قرص آفتابست در آسمان چهارم لاجرم کلی دل بر دیوار نهاد چون پرتو آفتاب به آفتاب پیوست او محروم ماند ابدا و حیل بینهم و بین ما یشتهون
इस बात का बयान कि दुनिया का प्रेमी उस दीवार के प्रेमी की तरह है जिस पर सूरज की रोशनी पड़ती है और उसने यह समझने की कोशिश नहीं की और संघर्ष नहीं किया कि वह रोशनी और चमक दीवार से नहीं, बल्कि चौथे आकाश में सूरज की डिस्क से है, अतः उसने पूरी तरह से दीवार पर भरोसा किया, जब सूरज की किरण सूरज से मिली, तो वह हमेशा के लिए वंचित रहा और उनके और उनकी इच्छा के बीच एक बाधा डाल दी गई