पढ़िए› दफ़्तर 3› अनुभाग 67 ← पिछला · अगला →
بخش ۶۷ - در بیان آنک تن روح را چون لباسی است و این دست آستین دست روحست واین پای موزهٔ پای روحست
यह समझाने के लिए कि शरीर आत्मा के लिए एक पोशाक की तरह है और यह हाथ आत्मा की आस्तीन है और यह पैर आत्मा का जूता है