पढ़िए› दफ़्तर 1› एक संत के कथन की व्याख्या: “जिस चीज़ से तुम रास्ते से भटक जाओ, चाहे वह शब्द कुफ़्र हो या ईमान; जिस चीज़ से तुम दोस्त से दूर हो जाओ, चाहे वह शक्ल बदसूरत हो या खूबसूरत” और हदीस के अर्थ में कि “सा'द बहुत ग़यूर हैं, और मैं सा'द से ज़्यादा ग़यूर हूँ, और अल्लाह मुझसे ज़्यादा ग़यूर है, और उसकी ग़ैरत के कारण फ़वाहिश, चाहे वो ज़ाहिर हों या बातिन, हराम कर दी गई हैं”› शेर 1784
M1:1784 — عاشقم بر رنج خویش و درد خویش / بهر خشنودی شاه فرد خویش
عاشقم بر رنج خویش و درد خویشبهر خشنودی شاه فرد خویش
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M1:1784
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