पढ़िए दफ़्तर 1 एक संत के कथन की व्याख्या: “जिस चीज़ से तुम रास्ते से भटक जाओ, चाहे वह शब्द कुफ़्र हो या ईमान; जिस चीज़ से तुम दोस्त से दूर हो जाओ, चाहे वह शक्ल बदसूरत हो या खूबसूरत” और हदीस के अर्थ में कि “सा'द बहुत ग़यूर हैं, और मैं सा'द से ज़्यादा ग़यूर हूँ, और अल्लाह मुझसे ज़्यादा ग़यूर है, और उसकी ग़ैरत के कारण फ़वाहिश, चाहे वो ज़ाहिर हों या बातिन, हराम कर दी गई हैं” शेर 1785

M1:1785 — خاک غم را سرمه سازم بهر چشم / تا ز گوهر پر شود دو بحر چشم

خاک غم را سرمه سازم بهر چشمتا ز گوهر پر شود دو بحر چشم
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M1:1785

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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