पढ़िए› दफ़्तर 6› उस बादशाह का ज़िक्र जिसने उस विद्वान को जबरदस्ती मजलिस में बुलाया और बैठाया, साकी ने विद्वान को शराब पेश की, उसके सामने प्याला रखा तो उसने मुँह मोड़ लिया और खट्टापन और सख्ती शुरू कर दी, शाह ने साकी से कहा कि “अरे! उसे उसके स्वभाव में ले आओ।” साकी ने कई बार उसके सिर पर मारा और उसे शराब पिलाई, आदि› शेर 3960
M6:3960 — شد دراز و کو طریق بازگشت / انتظار شاه هم از حد گذشت
شد دراز و کو طریق بازگشتانتظار شاه هم از حد گذشت
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M6:3960
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.