पढ़िए दफ़्तर 6 विलाल का हिजाज़ की धूप में 'अहद अहद' कहना रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की मोहब्बत में, उन सुबहों में जब उसका यहूदी आका बुतपरस्ती के कारण उसे हिजाज़ की धूप में कंटीली टहनी से मारता था, और विलाल के बदन से खून उबलता था, और उससे बेइरादा 'अहद अहद' निकलता था, जैसे दूसरे दर्दनाक लोगों से बेइरादा आहें निकलती हैं, क्योंकि वह इश्क़ के दर्द से भरा हुआ था, उसे कांटे के दर्द को दूर करने का कोई ध्यान नहीं था, जैसे फ़िरौन के जादूगर और ज़रजिस और अन्य, जिनकी गिनती नहीं की जा सकती। शेर 933

M6:933 — بر فلان وادی ببار این سو مبار / گوشمالش می‌دهد که گوش دار

بر فلان وادی ببار این سو مبارگوشمالش می‌دهد که گوش دار
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M6:933

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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