दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 2017›
शेर 3
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اندر آب انداز الا نوح را
هر که باشد خوب و زشت و مرد و زن
G2017:3
आपकी भाषा
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इस शेर की व्याख्या
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