दीवान-ए-शम्स›
ग़ज़ल 2875›
शेर 1
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نی تو شکلی دگری سنگ نباشی تو زری
سنگ هم بوی برد نیز که زیباگهری
G2875:1
आपकी भाषा
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इस शेर की व्याख्या
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