पढ़िए दफ़्तर 1 यह कभी-कभार ही होता है कि कोई मुरीद किसी धोखेबाज़ ढोंगी में सच्ची आस्था रखता है कि वह कोई खास व्यक्ति है और इस आस्था के कारण वह ऐसी जगह पहुँच जाता है जहाँ उसके शेख ने सपने में भी नहीं देखा होगा और आग और पानी उसे नुकसान नहीं पहुँचा सकते जबकि उसके शेख को नुकसान पहुँचा सकते हैं, लेकिन यह कभी-कभार ही होता है शेर 2291

M1:2291 — او به قصد نیک خود جایی رسد / گرچه جان پنداشت و آن آمد جسد

او به قصد نیک خود جایی رسدگرچه جان پنداشت و آن آمد جسد
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M1:2291

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.